0^यूहन्नाजीवन को शब्दबपतिस्मा देन वालो यूहन्ना को सन्देशपरमेश्वर को मेम्नायीशु को पहिलो चेलाफिलिप्पुस अऊर नतनएल ख यीशु को द्वारा बुलायो जानोकाना नगर म बिहावयीशु को मन्दिर म जानो।यीशु आदमी को मन ख जानय हययीशु अऊर नीकुदेमुसयीशु को बारे म यूहन्ना की गवाहीयीशु अऊर सामरी बाईसामरियों को विश्वास करनोअड़तीस साल को रोगी ख चंगो करनोबेटा को अधिकारयीशु को बारे म गवाहीपाच हजार लोगों ख खिलानोयीशु को पानी पर चलनोलोगों को यीशु ख ढूंढनोयीशुच जीवन की रोटीअनन्त जीवन को वचनयीशु अऊर ओको भाऊझोपड़ियों को त्यौहार म यीशुका यीशुच मसीह आय?यीशु ख पकड़न कोशिशजीवन को पानी की नदीयहूदी अगुवों को अविश्वासव्यभिचार करन वालो ख माफीयीशु जगत की ज्योतिअपनो बारे म यीशु को कहनोसत्य तुम्ख स्वतंत्र करेंनयीशु अऊर अब्राहमयीशु द्वारा जनम को अन्धा की चंगायीफरीसियों द्वारा चंगायी की जांच–पड़तालआत्मिक अन्धोपनचरावन वालो को दृष्टान्तयीशु अच्छो चरवाहायहूदियों को अविश्वासलाजर को मरनोयीशु को पुनरुत्थान अऊर जीवनयीशु रोयोलाजर को जीन्दो करयो जानोयीशु को विरुद्ध साजीशयीशु को पाय पर अत्तर डालनोलाजर को विरुद्ध साजीशयरूशलेम म विजय–प्रवेशगैरयहूदियों को यीशु ख ढूंढनोक्रूस सी मरन को इशारायहूदियों को अविश्वास म बन्यो रहनोयीशु को वचन: न्याय को आधारयीशु को चेलावों को पाय धोवनोविश्वासघात को तरफ इशारानयी आज्ञापतरस को इन्कार को इशारापरमेश्वर तक पहुंचन को रस्ता यीशुपवित्र आत्मा की प्रतिज्ञायीशु सच्ची दाखलताजगत को बैरपवित्र आत्मा को कार्यदु:ख सुख म बदल जायेंनजगत पर विजययीशु की प्रार्थना अपनो चेला लायीयीशु को पकड़वायो जानोपतरस को इन्कारमहायाजक द्वारा यीशु सी पूछताछपतरस को फिर सी इन्कार करनोपिलातुस को आगु यीशुमृत्यु–दण्ड की आज्ञाक्रूस पर चढ़ायो जानोयीशु की मृत्युभाला सी छेद्यो जानोयीशु को गाड़्यो जानोखाली कब्रमरियम मगदलीनी पर प्रगट होनोचेलावों पर प्रगट होनोयीशु को थोमा पर प्रगट होनोया किताब को उद्देश्ययीशु को तिबिरियास झील को किनार पर चेलावों पर प्रगट होनोयीशु अऊर पतरसयीशु अऊर ओको चेलासमापन