0^कुलुस्सियोंशुक्रगुज़ारी की दुआमसीह की शख़्सियत और कामजमात के ख़ादिम की हैसियत से पौलुस की ख़िदमतमसीह में ज़िंदगीमसीह के साथ मरना और ज़िंदगी गुज़ारनापुरानी और नई ज़िंदगीनई ज़िंदगी में ताल्लुक़ात कैसे हूँहिदायातआख़िरी सलामो-दुआ