0^सभोपदेशकवस्तुएँ अपरिवर्तनशील हैंकुछ भी नया नहीं हैक्या बुद्धि से आनन्द मिलता है?क्या “मनो—विनोद” से सच्चा आनन्द मिलता है?क्या कड़ी मेहनत से सच्चा आनन्द मिलता है?हो सकता है इसका उत्तर बुद्धि होक्या सच्चा आनन्द जीवन में है?एक समय है…परमेश्वर अपने संसार का नियन्त्रण करता हैक्या मनुष्य पशुओं जैसे ही हैं?क्या मर जाना श्रेष्ठ है?इतना कठिन परिश्रम क्यों?मित्रों और परिवार से शक्ति मिलती हैलोग, राजनीति और प्रसिद्धिमनौती मनाने में सावधानीप्रत्येक अधिकारी के ऊपर एक अधिकारी हैधन से प्रसन्नता खरीदी नहीं जा सकतीअपने जीवन के कर्म का रस लोधन से प्रसन्नता नहीं मिलतीसूक्ति संग्रहलोग सचमुच अच्छे नहीं हो सकतेबुद्धि और शक्तिन्याय प्रतिदान और दण्डक्या मृत्यु उचित है?जीवन का आनन्द लो जबकि तुम ले सकते होसौभाग्य? दुर्भाग्य? हम कर क्या सकते हैं?विवेक की शक्तिहर काम के अपने खतरे हैंकर्म का मूल्यनिन्दा पूर्ण बातेंनिर्भीक होकर भविष्य का सामना करोयुवावस्था में ही परमेश्वर की सेवा करोबुढ़ापे की समस्याएँमृत्युनिष्कर्ष