0^1 पत्रुसनव जन्म आ नव आशाक लेल परमेश्वरक स्तुतिसम्पूर्ण आचरण-व्यवहार मे पवित्र बनूजीवित पाथर और चुनल प्रजाअधिकारी सभक अधीन रहूमसीह केँ उदाहरणक रूप मे देखैत दुःख उठाउमसीही दम्पतिक दायित्वएक-दोसराक लेल सहानुभूतिउचित काज करबाक कारणेँ कष्टपरमेश्वरक इच्छाक अनुसार जीनाइपरमेश्वर सँ भेटल वरदान सभक उचित उपयोगमसीहक दुःख-भोग मे सहभागी भेनाइ आनन्दक बातमसीहक मण्डलीक देख-रेख कयनिहार आ जबान भाइ सभ सँ अनुरोधमण्डलीक सभ लोकक लेल निर्देशनमस्कार आ आशीर्वाद