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पापियों का एक चित्र
प्रधान बजानेवाले के लिये दाऊद का भजन
 
१ मूर्ख ने* अपने मन में कहा है, “कोई परमेश्‍वर है ही नहीं।”
वे बिगड़ गए, उन्होंने घिनौने काम किए हैं,
कोई सुकर्मी नहीं।
२ यहोवा ने स्वर्ग में से मनुष्यों पर दृष्टि की है
कि देखे कि कोई बुद्धिमान,
कोई यहोवा का खोजी है या नहीं।
३ वे सब के सब भटक गए, वे सब भ्रष्ट हो गए;
कोई सुकर्मी नहीं, एक भी नहीं। (रोमी. 3:10-11)
४ क्या किसी अनर्थकारी को कुछ भी ज्ञान नहीं रहता,
जो मेरे लोगों को ऐसे खा जाते हैं जैसे रोटी,
और यहोवा का नाम नहीं लेते?
५ वहाँ उन पर भय छा गया,
क्योंकि परमेश्‍वर धर्मी लोगों के बीच में निरन्तर रहता है।
६ तुम तो दीन की युक्ति की हँसी उड़ाते हो
परन्तु यहोवा उसका शरणस्थान है।
७ भला हो कि इस्राएल का उद्धार सिय्योन से* प्रगट होता!
जब यहोवा अपनी प्रजा को दासत्व से लौटा ले आएगा,
तब याकूब मगन और इस्राएल आनन्दित होगा। (भज. 53:6, लूका 1:69)