तक़रीबन उसी वक़्त हेरोदेस बादशाह ने सताने के लिए कलीसिया में से कुछ पर हाथ डाला। और यूहन्ना के भाई या'क़ूब को तलवार से क़त्ल किया। जब देखा कि ये बात यहूदियों को पसन्द आई, तो पतरस को भी गिरफ़्तार कर लिया। ये ईद 'ए फ़तीर के दिन थे। और उसको पकड़ कर क़ैद किया और निगहबानी के लिए चार चार सिपाहियों के चार पहरों में रखा इस इरादे से कि फ़सह के बाद उसको लोगों के सामने पेश करे। पस, क़ैद खाने में तो पतरस की निगहबानी हो रही थी, मगर कलीसिया उसके लिए दिलो ' जान से “ख़ुदा” से दु'आ कर रही थी। और जब हेरोदेस उसे पेश करने को था, तो उसी रात पतरस दो ज़ंजीरों से बंधा हुआ दो सिपाहियों के बीच सोता था, और पहरे वाले दरवाज़े पर क़ैदख़ाने की निगहबानी कर रहे थे। कि देखो ,ख़ुदावन्द का एक फ़रिश्ता खड़ा हुआ और उस कोठरी में नूर चमक गया और उस ने पतरस की पसली पर हाथ मार कर उसे जगाया और कहा कि “जल्द उठ ! और ज़ंजीरें उसके हाथ से खुल पड़ीं ”। फिर फ़रिश्ते ने उस से कहा, “कमर बाँध और अपनी जूती पहन ले|” उस ने ऐसा ही किया, फिर उस ने उस से कहा, “ अपना चोग़ा पहन कर मेरे पीछे हो ले।” वो निकल कर उसके पीछे हो लिया, और ये न जाना कि जो कुछ फ़रिश्ते की तरफ़ से हो रहा है वो वाक़'ई है बल्कि ये समझा कि ख़्वाब देख रहा हूँ। १०पस, वो पहले और दूसरे हल्क़े में से निकलकर उस लोहे के फाटक पर पहुँचे, जो शहर की तरफ़ है। वो आप ही उन के लिए खुल गया, पस वो निकलकर गली के उस किनारे तक गए; और फ़ौरन फ़रिश्ता उस के पास से चला गया। ११और पतरस ने होश में आकर कहा कि “अब मैने सच जान लिया कि ख़ुदावन्द ने अपना फ़रिश्ता भेज कर मुझे हेरोदेस के हाथो से छुड़ा लिया, और यहूदी क़ौम की सारी उम्मीद तोड़ दी।” १२और इस पर ग़ौर कर के उस यूहन्ना की माँ मरियम के घर आया, जो मरक़ुस कहलाता है, वहाँ बहुत से आदमी जमा हो कर दु'आ कर रहे थे। १३जब उस ने फाटक की खिड़की खटखटाई, तो रुदी नाम एक लौंडी आवाज़ सुनने आई । १४और पतरस की आवाज़ पहचान कर ख़ुशी के मारे फाटक न खोला,बल्कि दौड़कर अन्दर ख़बर की कि “पतरस फाटक पर खड़ा है!” १५उन्हों ने उस से कहा , “ तू दिवानी है लेकिन वो यक़ीन से कहती रही कि यूँ ही है!” उन्होंने कहा कि “उसका फ़रिश्ता होगा ।” १६मगर पतरस खटखटाता रहा पस, उन्हों ने खिड़की खोली और उस को देख कर हैरान हो गए । १७उस ने उन्हें हाथ से इशारा किया कि चुप रहें। “और उन से बयान किया कि ख़ुदावन्द ने मुझे इस तरह क़ैदख़ाने से निकाला ”फिर कहा कि या'क़ूब और भाइयों को इस बात की ख़बर देना, और रवाना होकर दूसरी जगह चला गया। १८जब सुबह हुई तो सिपाही बहुत घबराए, कि पतरस क्या हुआ । १९जब हेरोदेस ने उस की तलाश की और न पाया तो पहरे वालों की तहक़ीक़ात करके उनके क़त्ल का हुक्म दिया; और यहूदिया को छोड़ कर क़ैसरिया में जा रहा। २०और वो सूर और सैदा के लोगों से निहायत नाख़ुश था, पस वो एक दिल हो कर उसके पास आए, और बादशाह के दरबान बलस्तुस को अपनी तरफ़ करके सुलह चाही, इसलिए कि उन के मुल्क को बादशाह के मुल्क से इम्दाद पहुँचती थी। २१पस, हेरोदेस एक दिन मुक़रर्र करके और शाहाना पोशाक पहन कर तख़्त- ए ,अदालत पर बैठा, और उन से कलाम करने लगा। २२लोग पुकार उठे कि “ये तो “ख़ुदा” की आवाज़ है न इन्सान की।” २३उसी वक़्त “ख़ुदा” के फ़रिश्ते ने उसे मारा; इसलिए कि उस ने “ख़ुदा” की बड़ाई नहीं की और वो कीड़े पड़ कर मर गया। २४मगर “ख़ुदा” का कलाम तरक़्क़ी करता और फैलता गया। २५और बरनबास और साऊल अपनी ख़िदमत पूरी करके और यूहन्ना को जो मरकुस कहलाता है साथ लेकर, यरूशलीम से वापस आए।