जब सब्त का दिन गुज़र गया तो मरियम मग़दलिनी और या'क़ूब की माँ मरियम और सलोमी ने ख़ुशबूदार चीज़ें मोल लीं ताकि आकर उस पर मलें। वो हफ़्ते के पहले दिन बहुत सवेरे जब सूरज निकला ही था क़ब्र पर आईं। और आपस में कहती थी“हमारे लिए पत्थर को क़ब्र के मुँह पर से कौन लुढ़काएगा।?” जब उन्हों ने निगाह की तो देखा कि पत्थर लुढ़का हुआ है क्यूँकि वो बहुत ही बड़ा था । क़ब्र के अन्दर जाकर उन्हों ने एक जवान को सफ़ेद जामा पहने हुए दहनी तरफ़ बैठे देखा और निहायत हैरान हुईं। उसने उनसे कहा ऐसी हैरान न हो तुम ईसा' नासरी को“जो मस्लूब हुआ था तलाश रही हो; जी उठा है वो यहाँ नहीं है देखो ये वो जगह है जहाँ उन्होने उसे रख्खा था। लेकिन तुम जाकर उसके शागिर्दों और पतरस से कहो कि वो तुम से पहले गलील को जाएगा तुम वहीं उसको देखोगे जैसा उसने तुम से कहा।” और वो निकल कर क़ब्र से भागीं क्यूँकि कपकपी और हैबत उन पर ग़ालिब आ गई थी और उन्होंने किसी से कुछ न कहा क्यूँकि वो डरती थीं। हफ़्ते के पहले दिन जब वो सवेरे जी उठा तो पहले मरियम मग़दलिनी को जिस में से उसने सात बदरूहें निकाली थीं दिखाई दिया। १०उसने जाकर उसके शागिर्दो को जो मातम करते और रोते थे ख़बर दी। ११उन्होंने ये सुनकर कि वो जी उठा है और उसने उसे देखा है यक़ीन न किया। १२इसके बा'द वो दूसरी सूरत में उन में से दो को जब वो देहात की तरफ़ जा रहे थे दिखाई दिया। १३उन्होंने भी जाकर बाकी लोगों को ख़बर दी ; मगर उन्होंने उन का भी यक़ीन न किया। १४फिर वो उन गयारह को भी जब खाना खाने बैठे थे दिखाई दिया और उसने उनकी बे'ऐ'तिक़ादी और सख़्त दिली पर उनको मलामत की क्यूँकि जिन्हों ने उसके जी उठने के बा'द उसे देखा था उन्होंने उसका यक़ीन न किया था। १५और उसने उनसे कहा“तुम सारी दुनिया में जाकर सारी मखलूक के सामने इन्जील कि मनादी करो। १६जो ईमान लाए और बपतिसमा ले वो नजात पाएगा और जो ईमान न लाए वो मुजरिम ठहराया जाएगा। १७और ईमान लाने वालों के दर्मियान ये मोजिज़े होंगे वो मेरे नाम से बदरूहों को निकालेंगे; नई नई ज़बाने बोलेंगे। १८साँपों को उठा लेंगे और अगर कोई हलाक करने वाली चीज़ पीएँगे तो उन्हें कुछ तकलीफ न पहुँचेगी वो बीमारों पर हाथ रखेंगे तो अच्छे हो जाएँगे।” १९ग़रज़ ख़ुदावन्द उनसे कलाम करने के बा'द आसमान पर उठाया गया और ख़ुदा की दहनी तरफ़ बैठ गया। २०फिर उन्होंने निकल कर हर जगह मनादी की और ख़ुदावन्द उनके साथ काम करता रहा और कलाम को उन मोजिज़ों के वसीले से जो साथ साथ होते थे साबित करता रहा; आमीन।